
मौसम में हो रहे बदलाव इन दिनों कई लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं दे रहे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ पाचन कमजोर होना, त्वचा का रूखापन और बालों का झड़ना आम हो गया है। ऐसे में प्रकृति ने ऐसे कई फल दिए हैं, जो न केवल सेहत के लिए लाभदायी हैं, बल्कि स्वाद में भी लाजवाब होते हैं।
आयुर्वेद में बड़हर को प्रकृति का उपहार कहा जाता है, जो स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए बेहद उपयोगी है। यह फल विटामिन और पोषक तत्वों से भरपूर होता है, जो मौसमी बदलावों में होने वाली परेशानियों से निपटने में मदद करता है। बड़हर को कई नामों से जाना जाता है। यह पोषण से भरपूर फल विटामिन ए, विटामिन सी, आयरन, पोटेशियम और फाइबर का अच्छा स्रोत है। गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देने और ऊर्जा बनाए रखने में यह सहायक होता है।
बच्चों और बुजुर्गों के लिए फायदेमंद
विशेषज्ञों की सलाह है कि मौसम में बदलाव के इस समय में बड़हर को अपनी डाइट में जरूर शामिल करें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बेहद फायदेमंद है। बाजार में मौजूद यह सस्ता और आसानी से उपलब्ध फल स्वास्थ्य को प्राकृतिक तरीके से संभालने का बेहतरीन विकल्प है।
त्वचा का रूखापन करे दूर
बड़हर का नियमित सेवन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, जिससे गर्मी में होने वाली कब्ज, अपच और पेट संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है। फाइबर की अच्छी मात्रा होने के कारण यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाता है और आंतों को स्वस्थ रखता है। विटामिन ए और सी त्वचा को निखारते हैं, रूखेपन को दूर करते हैं और गर्मी में होने वाले दाने-फुंसी से बचाव करते हैं।
रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में कारगर
आयरन और अन्य पोषक तत्व बालों की जड़ों को मजबूत बनाते हैं और झड़ने की समस्या को कम करते हैं। यही नहीं इसके पोषक तत्व रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में कारगर हैं। इसके औषधीय गुण इम्युनिटी बढ़ाते हैं, जिससे मौसम बदलने पर होने वाली सर्दी-खांसी और संक्रमण से बचाव होता है।
स्वाद में खट्टा-मीठा
बड़हर का उपयोग कई तरीकों से किया जा सकता है। इसे सब्जी बनाकर, अचार के रूप में या सीधे फल के रूप में खाया जा सकता है। कई जगहों पर इसके सूखे टुकड़ों का उपयोग मसालों में भी किया जाता है। इसका स्वाद हल्का खट्टा-मीठा होता है, जो गर्मी में तरोताजा करने वाला प्रभाव देता है।
EDITED BY- HARLEEN KAUR




