कब रखा जायेगा योगिनी एकादशी व्रत

देवशयनी एकादशी से पहले आने वाली योगिनी एकादशी हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। मान्यता है कि इस व्रत को श्रद्धा से करने पर व्यक्ति को जन्म-जन्मांतर के पापों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। शास्त्रों में इसे 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने के समान पुण्य फल देने वाला बताया गया है।
रोग, कष्ट और संकटों से मुक्ति का व्रत
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार योगिनी एकादशी व्रत विशेष रूप से उन लोगों के लिए फलदायी माना जाता है जो लंबे समय से बीमारी, आर्थिक तंगी या पारिवारिक समस्याओं से जूझ रहे होते हैं। इस व्रत को करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और मानसिक शांति का अनुभव होता है।
2026 में कब है योगिनी एकादशी?
पंचांग के अनुसार वर्ष 2026 में योगिनी एकादशी का व्रत 10 जुलाई को रखा जाएगा। इस दिन श्रद्धालु उपवास रखते हुए भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करते हैं और व्रत कथा का श्रवण करते हैं।
भगवान श्रीकृष्ण ने बताया व्रत का महत्व
मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने योगिनी एकादशी के महत्व को बताते हुए कहा था कि इस व्रत का पालन और इसकी कथा का श्रवण करने से व्यक्ति को 88,000 ब्राह्मणों को भोजन कराने जितना पुण्य प्राप्त होता है। साथ ही यह व्रत सभी प्रकार के पापों का नाश करता है।



