
गर्मी के मौसम में एयर कंडीशनर (AC) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ जाता है। जैसे जैसे तापमान 40 डिग्री या उससे ऊपर जाता है घरों और दफ्तरों में AC लगातार कई घंटों तक चलते रहते हैं। इसी दौरान कई बार AC में आग लगने या गंभीर खराबी की खबरें सामने आती हैं। लोग इसे “AC फटना” कहते हैं लेकिन असल में ज्यादातर मामलों में यह तकनीकी खराबी और ओवरहीटिंग से जुड़ी घटना होती है।
गर्मी में AC पर बढ़ता है ज्यादा दबाव
जब बाहर का तापमान बहुत ज्यादा होता है तो AC को कमरे को ठंडा करने के लिए सामान्य से ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इस दौरान कंप्रेसर और कंडेंसर पर लगातार लोड रहता है। अगर मशीन पहले से कमजोर हो या उसकी नियमित सर्विसिंग न हुई हो तो सिस्टम गर्म होकर असंतुलित हो सकता है।
AC में आग या खराबी कैसे होती है?
AC में होने वाली घटनाओं का मुख्य कारण “ब्लास्ट” नहीं बल्कि ओवरहीटिंग या इलेक्ट्रिकल फॉल्ट होता है। कई बार मशीन के अंदर तापमान बढ़ने से इंसुलेशन या वायरिंग प्रभावित हो जाती है जिससे शॉर्ट सर्किट की स्थिति बन सकती है। इसके अलावा कुछ सामान्य कारण भी होते हैं जैसे पुरानी वायरिंग, ढीले कनेक्शन, खराब प्लग, या लगातार बिना ब्रेक के लंबे समय तक AC चलाना।
सबसे बड़ा कारण: मेंटेनेंस की कमी
विशेषज्ञों के अनुसार अधिकतर AC हादसे खराब रखरखाव की वजह से होते हैं। अगर फिल्टर में धूल जम जाती है या गैस का प्रेशर सही नहीं रहता तो मशीन पर दबाव बढ़ जाता है। इससे कंप्रेसर गर्म होने लगता है और सिस्टम की सुरक्षा क्षमता कम हो जाती है।
चेतावनी संकेत जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए
अगर AC से जलने जैसी गंध आए, असामान्य आवाज सुनाई दे, हवा ठंडी न आए या प्लग और वायर गर्म होने लगें तो यह खतरे का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत AC बंद करना बेहतर होता है।
AC हादसों से कैसे बचें?
AC को सुरक्षित रखने के लिए समय पर सर्विसिंग सबसे जरूरी है। हर साल कम से कम एक बार प्रोफेशनल सर्विस कराना चाहिए। साथ ही लोकल वायरिंग या खराब एक्सटेंशन बोर्ड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। AC को लगातार कई घंटों तक बिना ब्रेक चलाने से भी बचना चाहिए। कमरे में उचित वेंटिलेशन होना भी जरूरी है ताकि मशीन पर अनावश्यक दबाव न पड़े। अगर घर में बिजली लोड ज्यादा है तो एक साथ कई भारी उपकरण चलाने से बचना चाहिए।
भीषण गर्मी में AC हादसे अचानक नहीं होते बल्कि धीरे धीरे बढ़ने वाली तकनीकी समस्याओं का नतीजा होते हैं। अधिकतर मामलों में इसका कारण खराब मेंटेनेंस और गलत इस्तेमाल होता है। सही देखभाल नियमित सर्विसिंग और सावधानी से इन घटनाओं से काफी हद तक बचा जा सकता है।



