
वास्तु शास्त्र में झाड़ू को केवल सफाई का साधन नहीं, बल्कि सुख-समृद्धि और मां लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। ऐसी मान्यता है कि झाड़ू से जुड़े नियमों का सही तरीके से पालन करने पर घर में सकारात्मक ऊर्जा और बरकत बनी रहती है। वहीं, अनजाने में की गई कुछ गलतियां आर्थिक परेशानियों और वास्तु दोष का कारण बन सकती हैं। इसलिए झाड़ू रखने और इस्तेमाल करने के नियमों को विशेष महत्व दिया जाता है।
झाड़ू से जुड़ी ये गलतियां बढ़ा सकती हैं नकारात्मकता
ईशान कोण में न रखें झाड़ू
वास्तु शास्त्र के अनुसार झाड़ू को उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखना अशुभ माना जाता है। यह दिशा धार्मिक और सकारात्मक ऊर्जा से जुड़ी होती है। मान्यता है कि इस दिशा में झाड़ू रखने से घर में आर्थिक तंगी और मानसिक अशांति बढ़ सकती है। झाड़ू को दक्षिण या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखना अधिक शुभ माना गया है।
शाम के समय झाड़ू लगाने से बचें
वास्तु मान्यताओं के मुताबिक सूर्यास्त के बाद झाड़ू लगाना उचित नहीं माना जाता। कहा जाता है कि इससे घर की बरकत प्रभावित होती है। सुबह के समय घर की सफाई करना शुभ माना गया है। यदि किसी कारण शाम को सफाई करनी पड़े, तो कचरा तुरंत बाहर फेंकने की बजाय अगले दिन निकालना बेहतर माना जाता है।
झाड़ू को खुले स्थान पर न रखें
झाड़ू को हमेशा ऐसी जगह रखना चाहिए जहां उस पर बाहरी लोगों की नजर न पड़े। वास्तु शास्त्र में इसे खुले में रखना शुभ नहीं माना गया है। दरवाजे के पीछे, स्टोर रूम या किसी कोने में झाड़ू रखना बेहतर माना जाता है। इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
झाड़ू पर पैर लगना माना जाता है अशुभ
मान्यता है कि झाड़ू पर पैर रखना या उसे लांघना मां लक्ष्मी का अपमान माना जाता है। ऐसा करने से आर्थिक नुकसान और तनाव बढ़ सकता है। यदि गलती से पैर लग जाए तो क्षमा मांगना शुभ माना गया है।
टूटी हुई झाड़ू घर में न रखें
वास्तु के अनुसार टूटी या खराब झाड़ू को लंबे समय तक घर में रखना नकारात्मक ऊर्जा को बढ़ावा दे सकता है। इसलिए पुरानी और खराब झाड़ू को समय पर बदल देना शुभ माना जाता है।




