
वास्तु शास्त्र में घर के निर्माण के साथ-साथ वहां रखी वस्तुओं और उनकी दिशा को भी महत्वपूर्ण माना गया है। मान्यता है कि घर में कुछ विशेष वस्तुएं रखने से सकारात्मक वातावरण बना रह सकता है और परिवार के सदस्यों में उत्साह एवं ऊर्जा बढ़ सकती है।
हालांकि, ये वास्तु संबंधी मान्यताएं पारंपरिक विश्वासों पर आधारित हैं। इन्हें वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित उपाय नहीं माना जाता। वास्तु शास्त्र में बताई गई ऐसी ही तीन चीजों के बारे में जानिए, जिन्हें शुभ माना जाता है।
1. भगवान धन्वंतरि की तस्वीर या प्रतिमा
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान धन्वंतरि को आरोग्य और दीर्घायु से जुड़ा देवता माना जाता है। घर में उनकी तस्वीर या प्रतिमा रखना शुभ माना जाता है।
मान्यता है कि इससे घर में सकारात्मक माहौल बना रहता है और परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य एवं समृद्धि के लिए शुभ ऊर्जा का संचार होता है। कुछ लोग इसे करियर और आर्थिक उन्नति से भी जोड़कर देखते हैं।
यदि घर में भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा या तस्वीर रखी जाती है तो धार्मिक मान्यता के अनुसार नियमित रूप से श्रद्धापूर्वक पूजा, दीप और धूप अर्पित की जा सकती है।
2. घर में रखें छोटा जल फव्वारा
वास्तु शास्त्र में जल को सकारात्मकता और शांति से जोड़कर देखा जाता है। इसी वजह से घर में छोटा जल फव्वारा रखने की परंपरा भी कई लोगों में देखने को मिलती है।
मान्यता के अनुसार बहता हुआ जल घर के वातावरण में सकारात्मकता बनाए रखने में सहायक हो सकता है। इसे मानसिक शांति और आर्थिक समृद्धि से भी जोड़ा जाता है।
वास्तु में फव्वारे के लिए उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण को शुभ दिशा माना जाता है। हालांकि, इसे रखने से पहले घर की संरचना और अन्य वास्तु मान्यताओं को भी ध्यान में रखने की सलाह दी जाती है।
3. लाल रंग की वस्तुओं को दें जगह
वास्तु शास्त्र में लाल रंग को ऊर्जा, साहस, उत्साह और आत्मविश्वास का प्रतीक माना जाता है। इसलिए घर की सजावट में लाल रंग की कुछ वस्तुओं को शामिल करना शुभ माना जाता है।
आप घर में लाल फूल, लाल क्रिस्टल या लाल रंग की कलाकृति और पेंटिंग रख सकते हैं। वास्तु मान्यताओं के अनुसार इससे घर में उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण बनाने में मदद मिल सकती है।
वास्तु शास्त्र में घर की दिशा, रंग और वस्तुओं को लेकर कई तरह की मान्यताएं बताई गई हैं। इनका मुख्य उद्देश्य घर में सकारात्मक और शांत वातावरण बनाए रखना माना जाता है। इन उपायों को अपनाते समय व्यक्तिगत आस्था के साथ-साथ व्यावहारिक जरूरतों और घर की सुरक्षा को भी प्राथमिकता देना जरूरी है।
EDITED BY- HARLEEN KAUR




