गर्मियों में टिफिन की सब्जी जल्दी हो सकती है खराब, इन संकेतों से करें पहचान

गर्मी के मौसम में खाने-पीने की चीजें बहुत जल्दी खराब होने लगती हैं। अगर घर में बनी सब्जी को फ्रिज में न रखा जाए, तो वह सिर्फ 4-5 घंटे में खराब हो सकती है। आजकल कई लोग सुबह घर से टिफिन बनाकर ऑफिस ले जाते हैं। ऐसे में लंबे समय तक बंद टिफिन में रहने के कारण सब्जी में बैक्टीरिया तेजी से पनपने लगते हैं। कई बार टिफिन खोलते ही सब्जी में झाग दिखाई देता है या उससे अजीब सी बदबू आने लगती है।
इन संकेतों को नजरअंदाज करना सेहत पर भारी पड़ सकता है। खराब खाना खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, गैस, उल्टी, दस्त और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कई बार सब्जी देखने में ठीक लगती है, लेकिन उसके अंदर बैक्टीरिया पनप चुके होते हैं। इसलिए सिर्फ दिखावट के आधार पर फैसला लेना सही नहीं है। कुछ आसान संकेतों की मदद से आप पहचान सकते हैं कि टिफिन की सब्जी खाने लायक है या खराब हो चुकी है।
सब्जी में झाग या बुलबुले दिखना
अगर टिफिन खोलते ही सब्जी की सतह पर सफेद झाग, छोटे-छोटे बुलबुले या फेन जैसा दिखाई दे, तो यह सामान्य नहीं है। यह इस बात का संकेत हो सकता है कि सब्जी में फर्मेंटेशन शुरू हो चुका है और उसमें बैक्टीरिया तेजी से बढ़ रहे हैं। गर्मी में बंद टिफिन के अंदर तापमान बढ़ने से बैक्टीरिया और फंगस तेजी से पनपते हैं। ग्रेवी वाली सब्जियां, दाल, छोले, राजमा, आलू और पनीर जैसी चीजों में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है, क्योंकि इनमें नमी अधिक होती है।
सब्जी में अजीब या खट्टी गंध आना
खराब सब्जी की पहचान उसकी गंध से आसानी से की जा सकती है। ताजा खाना हमेशा सामान्य और हल्की खुशबू देता है, लेकिन खराब होने पर उसमें खट्टी, बासी या सड़ी हुई बदबू आने लगती है। अगर टिफिन खोलते ही तेज और अजीब सी स्मेल महसूस हो, तो समझ लें कि खाना सुरक्षित नहीं है। खासकर दूध, दही, पनीर और टमाटर वाली सब्जियां जल्दी खराब होती हैं। इसलिए गंध में थोड़ा भी बदलाव महसूस हो, तो ऐसा खाना खाने से बचें।
सब्जी का रंग बदल जाना
सब्जी के रंग में बदलाव भी उसके खराब होने का संकेत हो सकता है। अगर सब्जी का रंग पहले की तुलना में ज्यादा गहरा, फीका, पीला, हरा या काला दिखाई देने लगे, तो यह बैक्टीरिया या फंगस के असर की वजह हो सकती है। गर्मियों में पत्तेदार सब्जियां, भिंडी, बैंगन और टमाटर जल्दी रंग बदलते हैं। अगर आलू की सब्जी का रंग जरूरत से ज्यादा गहरा पड़ जाए या पनीर पर हरे-काले धब्बे दिखाई दें, तो उसे तुरंत फेंक देना चाहिए।
सब्जी में चिपचिपापन महसूस होना
जब खाना खराब होने लगता है, तो उसमें बैक्टीरिया की एक परत बनने लगती है। इसकी वजह से सब्जी चिपचिपी और लसलसी महसूस होती है। अगर चम्मच चलाने पर सब्जी में धागे जैसे बनें या ग्रेवी जरूरत से ज्यादा चिपचिपी लगे, तो यह साफ संकेत है कि खाना खराब हो चुका है। यह समस्या खासतौर पर दाल, कढ़ी, भिंडी और ग्रेवी वाली सब्जियों में ज्यादा होती है।
स्वाद में बदलाव आना
कई बार खाना देखने और सूंघने में सामान्य लगता है, लेकिन उसका स्वाद बदल चुका होता है। अगर सब्जी का स्वाद हल्का खट्टा, कड़वा या अजीब लगे, तो उसे तुरंत खाना बंद कर देना चाहिए। स्वाद में बदलाव इस बात का संकेत है कि खाने में केमिकल बदलाव शुरू हो चुके हैं और उसमें बैक्टीरिया पनप चुके हैं। गर्मियों में थोड़ी-सी खटास भी खराब खाने का शुरुआती संकेत हो सकती है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ऐसा खाना बिल्कुल नहीं देना चाहिए।




