
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और शुल्क से जुड़ी अनिश्चितताओं के कारण सुस्त शुरुआत की। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 103.16 अंकों की गिरावट के साथ 82,467.75 पर पहुंच गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 56.75 अंक फिसलकर 25,139.05 अंक पर आ गया।
बाजार विश्लेषकों के अनुसार, निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपना रहे हैं। वैश्विक स्तर पर फैली आर्थिक अनिश्चितता और शुल्क नीति को लेकर स्पष्टता की कमी के कारण बाजार में बिकवाली हावी रही।
सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से महिंद्रा एंड महिंद्रा, टाटा मोटर्स, टाटा स्टील, इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई। वहीं दूसरी ओर ट्रेंट, टेक महिंद्रा, अदाणी पोर्ट्स और एचडीएफसी बैंक के शेयरों ने कुछ मजबूती दिखाई।
एशियाई बाजारों में भी कमजोर रुख देखने को मिला। जापान का निक्की 225, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और चीन का शंघाई कम्पोजिट नुकसान में रहे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुआ।
मंगलवार को अमेरिकी शेयर बाजारों में भी गिरावट देखने को मिली, जिससे वैश्विक निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई। इसके अलावा, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 0.20 प्रतिशत बढ़कर 68.85 डॉलर प्रति बैरल रही।
हालांकि गिरते बाजार के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने कुछ राहत दी। मंगलवार को एफआईआई ने भारतीय शेयर बाजार में शुद्ध रूप से 120.47 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जिससे निवेशकों को थोड़ी स्थिरता की उम्मीद बनी रही।



