
सप्ताह के अंतिम कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार में सुस्ती का माहौल देखने को मिला। वैश्विक स्तर पर बढ़ती आर्थिक अनिश्चितताओं और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के चलते शुक्रवार को शुरुआती सत्र में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांकों में गिरावट दर्ज की गई।
बीएसई सेंसेक्स 242.24 अंकों की गिरावट के साथ 80,381.02 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 54.85 अंक टूटकर 24,541.30 के स्तर पर आ गया। यह गिरावट मुख्य रूप से विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली और अमेरिकी व्यापार नीति को लेकर अनिश्चितताओं के कारण देखी गई है।
सेंसेक्स के 30 में से कई प्रमुख कंपनियों के शेयरों में कमजोरी आई। भारती एयरटेल, इन्फोसिस, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, इटर्नल (पूर्व में जोमैटो), एक्सिस बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयर नुकसान में रहे।
वहीं कुछ कंपनियों ने बाजार को सहारा देने की कोशिश की। टाइटन, बजाज फाइनेंस, एनटीपीसी और बजाज फिनसर्व के शेयरों में बढ़त दर्ज की गई, जिससे बाजार में गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।
चीन का शंघाई एसएसई कंपोजिट और जापान का निक्केई 225 बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे, जबकि हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाल निशान में बंद हुए। अमेरिकी बाजारों का भी रुख बृहस्पतिवार को मिश्रित रहा, जिससे वैश्विक निवेशकों की धारणा पर असर पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई। यह 0.69% फिसलकर 66.42 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जो वैश्विक मांग में संभावित मंदी को दर्शाता है।




