धर्म

नवरात्रि का छठा दिन आज करें मां कात्यायनी की पूजा

जानिए पूजा विधि-भोग

चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व में आज छठा दिन मां कात्यायनी की आराधना के लिए समर्पित है। नवरात्रि के नौ दिनों में देवी दुर्गा के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है, जिनमें यह स्वरूप साहस, शक्ति और सौंदर्य का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन साधक का मन आध्यात्मिक उन्नति की ओर अग्रसर होता है।

कात्यायनी स्वरूप की उत्पत्ति और महत्व
पौराणिक कथाओं के अनुसार, महर्षि कात्यायन की तपस्या से प्रसन्न होकर देवी ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया, जिससे उनका नाम कात्यायनी पड़ा। उन्हें आदिशक्ति का अत्यंत प्रभावशाली रूप माना जाता है। उनकी उपासना से जीवन में साहस, धर्म और विजय प्राप्त होने की मान्यता है।

पूजा के लिए शुभ समय
आज के दिन सुबह 6:21 से 8:30 तक पूजा के लिए उत्तम समय माना गया है। वहीं, दोपहर का अभिजीत मुहूर्त विशेष संकल्पों के लिए शुभ रहता है। शाम को सूर्यास्त के आसपास आरती करना अत्यंत फलदायी माना गया है।

ऐसे करें मां कात्यायनी की आराधना

-दिन की शुरुआत स्नान के बाद साफ वस्त्र, विशेष रूप से पीले रंग के कपड़े पहनकर करें।
-पूजा स्थान को शुद्ध करने के बाद देवी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। -सबसे पहले गणेश जी का ध्यान करें, फिर दीप जलाकर फूल, अक्षत और धूप से पूजा करें।
-मां को पीले फूल, चूड़ियां और हल्दी अर्पित करना शुभ माना जाता है।
-अंत में श्रद्धा से आरती करें।

शहद और हलवा-पूरी का महत्व
मां कात्यायनी को शहद अत्यंत प्रिय माना गया है, इसलिए इस दिन शहद या उससे बने व्यंजन अर्पित किए जाते हैं। इसके साथ ही हलवा-पूरी का भोग लगाना भी शुभ माना जाता है, जो सुख-समृद्धि का प्रतीक है।

मां कात्यायनी के प्रमुख मंत्र
इस दिन भक्त मां की कृपा पाने के लिए विशेष मंत्रों का जाप करते हैं, जैसे “ॐ देवी कात्यायन्यै नमः” और “कात्यायनी महामाये…”। इन मंत्रों के जप से मानसिक शांति और आत्मबल में वृद्धि होती है।

EDITED BY- HARLEEN KAUR

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!