
उत्तर भारत में इन दिनों गर्मी अपने चरम पर पहुंच रही है। राजधानी दिल्ली-एनसीआर सहित कई राज्यों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में हीटवेव का असर और तेज रहने की संभावना है, जिससे दिन ही नहीं बल्कि रातें भी असामान्य रूप से गर्म रह सकती हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही कई राज्यों में लू को लेकर अलर्ट जारी किया है कि देश के बड़े हिस्से में तापमान सामान्य से काफी ऊपर रह सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस मौसम में सबसे ज्यादा खतरा गर्मी से नहीं, बल्कि रोजमर्रा की छोटी-छोटी लापरवाहियों से होता है। गलत खान-पान, पानी की कमी और खराब हाइजीन कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती हैं।
1. पानी कम पीना सबसे बड़ी गलती
गर्मी में पसीने के जरिए शरीर तेजी से पानी खोता है। ऐसे में यदि पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ न लिए जाएं तो डिहाइड्रेशन का खतरा बढ़ जाता है। इसके कारण सिरदर्द, चक्कर, थकान और गंभीर स्थिति में बेहोशी भी हो सकती है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि सिर्फ प्यास लगने का इंतजार न करें, बल्कि नियमित अंतराल पर पानी पीते रहें।
2. बाहर का तला-भुना खाना बन सकता है परेशानी की वजह
सड़क किनारे मिलने वाला या लंबे समय तक खुले में रखा भोजन इस मौसम में जल्दी खराब हो जाता है। इससे फूड पॉइजनिंग, पेट दर्द, उल्टी और दस्त जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार गर्मी में हल्का, ताजा और घर का बना भोजन ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।
3. सफाई में लापरवाही बढ़ा सकती है संक्रमण का खतरा
पसीना और गर्म मौसम बैक्टीरिया के पनपने के लिए अनुकूल वातावरण बनाते हैं। ऐसे में हाथों की सफाई, साफ कपड़े और स्वच्छ पानी का उपयोग बेहद जरूरी हो जाता है। स्वच्छता की अनदेखी से त्वचा संक्रमण, फंगल इंफेक्शन और पेट से जुड़ी बीमारियां बढ़ सकती हैं।
4. दोपहर की धूप में बिना सुरक्षा निकलना जोखिम भरा
12 बजे से 4 बजे के बीच की तेज धूप हीट स्ट्रोक का सबसे बड़ा कारण बन सकती है। इस दौरान लंबे समय तक बाहर रहने से शरीर का तापमान खतरनाक स्तर तक बढ़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि जरूरी होने पर ही बाहर निकलें और सिर को कपड़े, टोपी या छाते से ढककर रखें।
5. जरूरत से ज्यादा ठंडी चीजें भी नुकसानदेह
गर्मी से राहत पाने के लिए लोग अक्सर कोल्ड ड्रिंक और आइसक्रीम का अधिक सेवन करने लगते हैं। लेकिन अत्यधिक ठंडे पेय पदार्थ गले और पाचन तंत्र पर असर डाल सकते हैं। इसके बजाय नींबू पानी, छाछ और घरेलू शीतल पेय शरीर को बेहतर तरीके से हाइड्रेट रखते हैं।




