धर्म

घर के मुख्य द्वार पर ऐसे रखें पायदान

मां लक्ष्मी की कृपा से दूर होगी आर्थिक तंगी

वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को ऊर्जा प्रवेश का सबसे महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। बता दें कि घर में आने वाली सकारात्मक और नकारात्मक ऊर्जा का सीधा प्रभाव इसी द्वार से जुड़ा होता है। ऐसे में मुख्य द्वार पर रखा गया पायदान भी घर के वातावरण और समृद्धि में अहम भूमिका निभाता है।

वास्तु विशेषज्ञों के अनुसार, जब भी कोई व्यक्ति घर में प्रवेश करता है तो वह बाहर की ऊर्जा अपने साथ लेकर आता है। मुख्य द्वार पर रखा पायदान इस ऊर्जा को नियंत्रित करने और नकारात्मक प्रभाव को घर के भीतर आने से रोकने में सहायक माना जाता है। इससे घर का माहौल संतुलित और सकारात्मक बना रहता है।

दिशा के अनुसार पायदान का रंग भी होता है महत्वपूर्ण

वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार की दिशा के हिसाब से पायदान के रंग का चयन किया जाना चाहिए। यदि घर का मुख्य द्वार पूर्व दिशा की ओर है, तो हरे, पीले या हल्के भूरे रंग के पायदान शुभ माने जाते हैं। उत्तर दिशा के द्वार पर नीला, हल्का हरा या सफेद रंग सकारात्मक ऊर्जा को बढ़ाता है। दक्षिण दिशा वाले घरों में लाल, गुलाबी या नारंगी रंग के पायदान को शुभ माना गया है, जबकि पश्चिम दिशा में सफेद, ग्रे या सुनहरे रंग के पायदान को बेहतर बताया गया है।

आर्थिक समृद्धि के लिए बताए गए कुछ पारंपरिक उपाय

कई मान्यताओं में यह भी कहा गया है कि आर्थिक स्थिरता और नकारात्मक ऊर्जा से बचाव के लिए पायदान के नीचे कुछ विशेष चीजें रखी जा सकती हैं। इनमें नमक को एक छोटे कपड़े या कागज में लपेटकर रखने का सुझाव दिया जाता है। इसके अलावा कुछ लोग फिटकरी का छोटा टुकड़ा भी रखते हैं, जिसे समृद्धि और सुरक्षा से जोड़ा जाता है।

किन गलतियों से बचना जरूरी है

वास्तु के अनुसार मुख्य द्वार पर कभी भी फटा, गंदा या पुराना पायदान नहीं रखना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इससे घर की सकारात्मक ऊर्जा प्रभावित हो सकती है। साथ ही यह भी सलाह दी जाती है कि पायदान का उपयोग केवल प्रवेश के लिए हो, उस पर जूते-चप्पल रखने से बचना चाहिए।

EDITED BY- HARLEEN KAUR

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!