
हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले स्थित प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नैना देवी जी मंदिर में 22 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलने वाले आश्विन नवरात्र मेले की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बता दें कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए मंदिर न्यास आयुक्त एवं उपायुक्त ने एक महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मेले के दौरान होने वाले प्रबंधों और व्यवस्थाओं को लेकर कई अहम निर्णय लिए गए।
बैठक में तय किया गया कि एसडीएम स्वारघाट को मेला अधिकारी तथा थाना प्रभारी कोट को सहायक पुलिस मेला अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, नवरात्र के दौरान प्रतिदिन लगभग 10 से 12 हजार श्रद्धालु माता के दर्शन करने पहुंच सकते हैं। इतनी बड़ी भीड़ को नियंत्रित करने और सुचारु प्रबंधन के लिए पूरे मेला क्षेत्र को 9 सेक्टरों में बांटा गया है। इन सेक्टरों की निगरानी के लिए 6 मजिस्ट्रेट सेक्टर भी नियुक्त किए गए हैं।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पार्किंग व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके लिए 200 से अधिक होमगार्ड्स की तैनाती की जाएगी, ताकि यातायात व्यवस्था सुचारु बनी रहे। साथ ही, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए पुलिस बल को विशेष रूप से तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। लंगर व्यवस्था पर भी विशेष जोर दिया गया है, ताकि भक्तों को प्रसाद और भोजन की कोई कमी न हो।
श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आयुर्वेदिक और स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टरों की विशेष तैनाती की जाएगी। एक स्वास्थ्य सहायता कक्ष 24 घंटे खुला रहेगा, जिससे किसी भी आपातकालीन स्थिति में तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। नगर परिषद और जल शक्ति विभाग को स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई की बेहतर व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, सभी विभागों को अपने-अपने क्षेत्रों में सेफ्टी ऑडिट कर प्रमाणपत्र मंदिर अधिकारी को सौंपने के लिए कहा गया है।
EDITED BY- HARLEEN KAUR



