
पंजाब में पराली जलाने की घटनाएँ एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगी हैं। बीते कुछ दिनों में मामलों की संख्या 4500 से अधिक हो चुकी है, जिसके चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने आठ जिलों के उपायुक्तों (डीसी) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
आयोग ने जिन जिलों के अधिकारियों से जवाब तलब किया है, उनमें श्री मुक्तसर साहिब, मोगा, बठिंडा, फाजिल्का, फिरोजपुर, मानसा, संगरूर और तरनतारन शामिल हैं। नोटिस वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम की धारा 14 के तहत जारी किए गए हैं, जिसके तहत दोषी पाए जाने पर पांच साल की कैद या दस लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
आयोग के अधिकारियों ने हाल ही में पंजाब का दौरा कर पराली प्रबंधन से जुड़े प्रयासों की समीक्षा की थी। इस दौरान राज्य प्रशासन के कामकाज को लेकर असंतोष भी जताया गया था। आयोग का कहना है कि धान की कटाई से पहले ही पराली जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया था, लेकिन इसके बावजूद खेतों में आगजनी की घटनाएँ रुक नहीं रही हैं।
EDITED BY- HARLEEN KAUR




