
जैसे-जैसे तापमान बढ़ता है, वैसे-वैसे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा भी बढ़ने लगता है। खासकर गर्मियों में हार्ट अटैक के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि तेज गर्मी, शरीर में पानी की कमी और अनियमित जीवनशैली दिल पर अतिरिक्त दबाव डालती है, जिससे गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार, कई बार लोग गर्मी में होने वाली थकान, चक्कर या बेचैनी को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि ये हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं। इसलिए समय रहते सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
क्यों बढ़ता है खतरा?
गर्मी के मौसम में शरीर का तापमान नियंत्रित रखना मुश्किल हो जाता है। ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है। इससे ब्लड प्रेशर में उतार-चढ़ाव आता है और दिल को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। इसके अलावा Heat Stroke और थकावट भी स्थिति को गंभीर बना सकते हैं।
इन बातों का रखें खास ध्यान
1. ब्लड प्रेशर पर नजर रखें
गर्मी में बीपी अचानक बढ़ या घट सकता है। नियमित जांच करना और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
2. शरीर को हाइड्रेट रखें
डिहाइड्रेशन दिल पर दबाव बढ़ाता है। दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लेते रहें ताकि शरीर संतुलित बना रहे।
3. हीट स्ट्रेस से बचाव
तेज धूप और गर्म हवा शरीर में तनाव बढ़ा सकती है। कोशिश करें कि दोपहर के समय बाहर न निकलें और हल्के, ढीले कपड़े पहनें।
4. एक्सरसाइज का सही समय चुनें
बहुत ज्यादा गर्मी में भारी वर्कआउट करने से बचें। सुबह या शाम के समय हल्की एक्सरसाइज करना बेहतर रहता है। अगर संभव हो तो ठंडी या हवादार जगह पर ही वर्कआउट करें।
लक्षणों को नजरअंदाज न करें
छाती में दर्द, सांस फूलना, अत्यधिक पसीना आना या अचानक कमजोरी महसूस होना ये सभी संकेत गंभीर हो सकते हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।
EDITED BY- HARLEEN KAUR




