पढ़ाई का दबाव घटाने में सहायक यह योगासन, मन को देता है शांति

आज की तेज और अनियमित जीवनशैली का असर केवल शारीरिक स्वास्थ्य पर ही नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन पर भी पड़ रहा है। तनाव, कमर दर्द, थकान और एकाग्रता की कमी जैसी समस्याएं तेजी से आम होती जा रही हैं। ऐसे में योग को एक प्रभावी और प्राकृतिक उपाय माना जाता है।
गोरक्षासन (Cowherd Pose) ऐसा ही एक योगासन है, जो शरीर और मन दोनों को मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है। गोरक्षासन का नियमित अभ्यास शरीर को लचीला बनाता है और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने में मदद करता है। खासकर लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों और तनाव से जूझ रहे व्यक्तियों के लिए यह आसन काफी लाभकारी बताया गया है।
गोरक्षासन के प्रमुख फायदे
कूल्हों, घुटनों और टखनों में लचीलापन बढ़ाता है
रीढ़ की हड्डी को मजबूत और सीधा रखने में मदद करता है
पाचन तंत्र को बेहतर बनाकर कब्ज जैसी समस्याओं से राहत देता है
तनाव और चिंता को कम कर मन को शांत करता है
रक्त संचार को संतुलित करने में सहायक माना जाता है
गोरक्षासन करने की विधि
सबसे पहले जमीन पर दंडासन की मुद्रा में बैठें। इसके बाद दोनों पैरों को मोड़कर तलवों को आपस में जोड़ें और घुटनों को धीरे-धीरे जमीन की ओर दबाएं। रीढ़ और गर्दन को सीधा रखें तथा कंधों को ढीला छोड़ दें। सामान्य गति से सांस लेते हुए इस मुद्रा में आराम के अनुसार कुछ समय तक बने रहें। अभ्यास पूरा होने पर धीरे-धीरे पैरों को सीधा कर सामान्य स्थिति में आ जाएं।
जरूरी सावधानियां
घुटनों, कूल्हों या कमर की गंभीर समस्या वाले लोग डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही अभ्यास करें
गर्भवती महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए
बेहतर परिणाम के लिए सुबह खाली पेट अभ्यास करना उपयुक्त माना जाता है
EDITED BY- HARLEEN KAUR




