
हिंदू धर्म में एकादशी का विशेष स्थान माना जाता है। हर महीने आने वाली यह तिथि भगवान विष्णु को समर्पित होती है और इसे श्रद्धा के साथ रखने से व्यक्ति को आध्यात्मिक शांति के साथ जीवन में सुख-समृद्धि प्राप्त होने की मान्यता है। इन्हीं एकादशियों में वरुथिनी एकादशी को बेहद महत्वपूर्ण माना गया है। तो आइए खबर में विस्तार से जानते है कब रखा जाएगा व्रत और सही विधि…
कब है वरुथिनी एकादशी 2026?
वर्ष 2026 में वरुथिनी एकादशी का व्रत 13 अप्रैल को रखा जाएगा। एकादशी तिथि की शुरुआत 13 अप्रैल की सुबह से होगी और यह 14 अप्रैल तक रहेगी। उदय तिथि को ध्यान में रखते हुए 13 अप्रैल का दिन व्रत के लिए शुभ माना गया है।
क्या है इस व्रत का महत्व?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, वरुथिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और उसे महान पुण्य की प्राप्ति होती है। ऐसा भी कहा जाता है कि इस व्रत का फल लंबे समय तक की तपस्या के बराबर माना जाता है। यह व्रत जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लाने में सहायक माना जाता है।
कैसे करें व्रत?
इस दिन प्रातःकाल जल्दी उठकर स्नान करने के बाद भगवान विष्णु की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। इसके बाद व्रत का संकल्प लिया जाता है। पूरे दिन भक्ति, ध्यान और पूजा-पाठ में समय बिताना उत्तम माना गया है। श्रद्धालु अपनी क्षमता के अनुसार फलाहार या निर्जल व्रत रख सकते हैं।
व्रत के दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
वरुथिनी एकादशी के दिन चावल और अनाज का सेवन नहीं किया जाता। इसके अलावा क्रोध, झूठ और नकारात्मक विचारों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। इस दिन मन, वचन और कर्म की शुद्धता बनाए रखना विशेष रूप से जरूरी माना गया है।
EDITED BY- HARLEEN KAUR




