बीमारी से पहले शरीर देता है चेतावनी, शुरुआती लक्षण पहचानकर करें बचाव

गर्मी का मौसम अपनी चरम सीमा पर पहुंच रहा है। इस समय गर्मी से जुड़ी बीमारियां धीरे-धीरे बढ़ने लगती हैं और कई बार लोगों को इसका पता भी नहीं चलता। लेकिन शरीर बीमारी गंभीर होने से काफी पहले ही कई संकेत देना शुरू कर देता है। इन संकेतों को समय रहते पहचानकर गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है।
अगर शरीर के महत्वपूर्ण संकेतों पर ध्यान दें, तो गर्मी का असर बढ़ने पर शरीर अस्वस्थ होने के कई संकेत देता है। इनमें ज्यादा पसीना आना, जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस होना, मांसपेशियों में ऐंठन या दर्द, ठंडी और चिपचिपी त्वचा, चक्कर आना, तेज सिरदर्द और अत्यधिक प्यास लगना जैसे लक्षण शामिल हैं।
ये संकेत सामान्य नहीं होते। इन्हें नजरअंदाज करने से हीट एग्जॉर्शन या हीट स्ट्रोक जैसी गंभीर स्थिति हो सकती है। इन शुरुआती लक्षणों को पहचानकर तुरंत कदम उठाने से बड़ी मुसीबत से बचा जा सकता है।
गर्मी से होने वाली समस्याओं पर नियंत्रण या गर्मी को मात देने के लिए कुछ आसान उपाय एक्सपर्ट सुझाते हैं। इसके लिए दिन के सबसे गर्म समय यानी दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक बाहर निकलने से बचें। हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनें जो पसीना सोख सके। भरपूर मात्रा में पानी, नींबू पानी, छाछ, लस्सी या नारियल पानी पिएं। प्यास न लगे तब भी थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें।
नमक और खनिजों की कमी पूरी करने के लिए घर का बना पौष्टिक भोजन खाएं। ठंडी और छायादार जगह पर आराम करें तथा भारी व्यायाम से बचें। अगर ऊपर बताए गए कोई भी संकेत दिखाई दें, तो तुरंत ठंडी जगह पर जाएं, आराम करें और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें।
गर्मी का तनाव शरीर पर कई तरह से असर डालता है। इसलिए जागरूक रहना और अपनी सेहत की जिम्मेदारी खुद लेना जरूरी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। वास्तव में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
गर्मी के मौसम में छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर खुद को और अपने परिवार को स्वस्थ रख सकते हैं। शरीर के दिए संकेतों को समझें, समय रहते कदम उठाएं और गर्मी से होने वाली समस्याओं को आसानी से मात दें।




