
जम्मू-कश्मीर की विश्व प्रसिद्ध श्री अमरनाथ यात्रा गुरुवार से औपचारिक रूप से शुरू हो गई। यात्रा के पहले दिन जम्मू के भगवती नगर यात्री निवास से श्रद्धालुओं का पहला जत्था कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रीनगर के लिए रवाना किया गया। इस दौरान पूरा परिसर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। देश के अलग-अलग राज्यों से आए श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सुबह करीब 5 बजे श्रद्धालुओं के पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस मौके पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और अधिकारी मौजूद रहे। सुरक्षा के बीच रवाना हुआ यह जत्था शाम तक श्रीनगर पहुंचेगा।
इस बार यात्रा में बड़ी संख्या में ऐसे श्रद्धालु शामिल हैं, जो पहली बार बाबा बर्फानी के दर्शन करने जा रहे हैं। खासकर राजस्थान सहित कई राज्यों से आए युवाओं में यात्रा को लेकर काफी उत्साह देखा गया।श्रद्धालुओं का कहना है कि वे पूरे साल इस पल का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही यात्रा के लिए पंजीकरण शुरू हुआ, उन्होंने तुरंत अपना रजिस्ट्रेशन कराया ताकि पहले ही दिन बाबा अमरनाथ के पवित्र हिम शिवलिंग के दर्शन का अवसर मिल सके। पहली ही यात्रा में पहले दिन दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पहली बार यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं ने कहा कि उन्हें किसी तरह का डर नहीं है। उनका मानना है कि बाबा का आशीर्वाद और सुरक्षा बलों की मजबूत व्यवस्था उन्हें सुरक्षित यात्रा का भरोसा देती है। श्रद्धालुओं ने कहा कि वे पूरे विश्वास और श्रद्धा के साथ बाबा के दर्शन के लिए जा रहे हैं और अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करेंगे।
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए इस बार व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। केंद्र सरकार ने 70 हजार से अधिक अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर पुलिस, बीएसएफ, सेना और सीआरपीएफ के जवान भी पूरे यात्रा मार्ग पर सुरक्षा संभाल रहे हैं। श्रद्धालुओं के काफिले के साथ सीआरपीएफ और विशेष कमांडो दस्ते भी मौजूद हैं। जम्मू से श्रीनगर तक करीब 300 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय राजमार्ग पर पूरे काफिले को सुरक्षा घेरे में ले जाया जाता है।
EDITED BY- HARLEEN KAUR




